भारतीय क्रिकेट की नींव कैसे पड़ी
भारत में क्रिकेट की शुरुआत अठारहवीं सदी में हुई जब ब्रिटिश नाविकों ने इस खेल को यहाँ लाया। मुंबई के मैदानों पर पारसी, हिंदू और मुस्लिम क्लबों ने इसे अपनाया और पेंटांगुलर टूर्नामेंट जैसे आयोजनों ने क्रिकेट को जनता तक पहुँचाया। 1932 में भारत ने पहला टेस्ट खेला और रणजीतसिंहजी जैसे खिलाड़ियों ने विश्व मंच पर पहचान बनाई। आज़ादी के बाद BCCI
की स्थापना ने घरेलू ढाँचा मज़बूत किया — रणजी ट्रॉफी, दुलीप ट्रॉफी और देवधर ट्रॉफी ने अनगिनत प्रतिभाओं को तराशा। चंडीगढ़ और इंदौर जैसे शहरों के खिलाड़ी इसी ढाँचे से राष्ट्रीय टीम तक पहुँचे।